डा0 अरविन्द कुमार सिंह (सेवानिवृत्त, वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष आचार्य नरेन्द्र देव कृषि एवं प्रोद्यौगिक विश्वविद्यालय कुमारगंज अयोध्या) की उपस्थिति में ‘‘समर्थ उत्तर प्रदेश-विकसित उत्तर प्रदेश @2047’’ की अवधारणा को साकार करने की दिशा में जनपद के “विजन डॉक्यूमेंट” के निर्माण हेतु कृषि विज्ञान केंद्र बगही में कृषि कार्यशाला का हुआ आयोजन
संत कबीर नगर शासन की मंशा के अनुसार मा0 प्रधानमंत्री जी की दूरदर्शी पहल विकसित भारत@2047 के द्वारा भारत को वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र के रूप मे स्थापित करने की दिशा में विकसित भारत @2047 की अवधारणा को साकार करने हेतु मा0 मुख्यमंत्री जी द्वारा उत्तर प्रदेश को वर्ष 2047 तक एक विकसित राज्य बनाने के संकल्प के साथ जनपद संत कबीर नगर में क्षेत्र विशेष के प्रबुद्धजन कृषि वैज्ञानिक डा0 अरविन्द कुमार सिंह (सेवानिवृत्त, वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष आचार्य नरेन्द्र देव कृषि एवं प्रोद्यौगिक विश्वविद्यालय कुमारगंज अयोध्या) द्वारा भ्रमण के क्रम में कृषि विज्ञान केंद्र बगही में उन्नत कृषि एवं उत्पादकता बढ़ाने से संबंधित कार्यशाला का आयोजन किया गया।
उन्होंने कृषि उत्पादकता, गन्ना, चावल, गेहूॅ आदि के उत्पादन में जनपद संत कबीर नगर सहित पूर्वान्चल के कई जनपदों की तुलना पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जनपदों के उत्पादन से करते हुए कहा कि जनपद संत कबीर नगर में कृषि क्षेत्र में हमें ऐसे कौन से तौर तरीकों/विधियों/उर्वरकों/सिचाई सहित अन्य तकनीकों के इस्तेमाल की आवश्यकता है जिसे लागू कर उत्पादकता बढाई जा सके, इन्ही बिन्दुओं पर हमें अपना ध्यान केन्द्रित करना है, जिससे वर्ष 2047 तक जनपद के साथ-साथ तक देश को विकसित देश की श्रेणी में शामिल किया जा सके।
डॉ0 अरविंद सिंह ने बताया कि जनपद में गन्ना उत्पादकता बढ़ाने की आवश्यकता है, जनपद में अभी गन्ना उत्पादन 300 कु0 प्रति हेक्टेयर है। इसी प्रकार दलहन, तिलहन का क्षेत्रफल बढ़ाने की आवश्यकता है।
विजय उपाध्याय (Hi Tech Farmer Producer Company LTD Nathnagar) ने बताया कि पौधों को 16 तरह के पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है, जिस समय-समय पर प्रयोग करने से उत्पादकता में वृद्धि होती है। उन्होंने कहा कि FPO को पूंजी की आवश्यकता है, इसके लिए बैंक से ऋण दिलाया जाए। उन्होंने कहा कि मोटा अनाज, मक्का दलहन, तिलहन को विशेष ब्लॉक में उत्पादन कराया जाए।
यशवर्धन पांडेय द्वारा बताया गया कि मक्का उत्पादन लिए बैच ड्रायर, फार्म मशीनरी बैंक, ड्रोन, नुमेटिक प्लांटर की आवश्यकता है।
राम बहादुर मिश्रा, आर्गेनिक सरसों, अन्न, हेतु प्रमाण पत्र की मांग की गई। उन्होंने कहा कि FPO को खाद नहीं मिल रहा है, प्रोसेसिंग यूनिट नहीं मिली है।
अमिताभ पाण्डेय द्वारा दलहनी फसलों का सोलर फेसिंग की मांग की गई।
अनुराग राय द्वारा प्राकृतिक खेती, पशुधन विकास की योजना आदि से संबंधित बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा की गई
अरविन्द चतुर्वेदी निदेशक डेटार FPO सहित अन्य प्रबुद्ध जनों एवं कृषि वैज्ञानिकों द्वारा प्राकृतिक खेती, जैविक खेती, उर्वरकों का सही प्रयोग आदि से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराने के साथ-साथ जनपद में कृषि क्षेत्र में असीम संभावनाओं को देखते हुए वर्ष 2047 तक जनपद, प्रदेश एवं देश को विकसित बनाने की दिशा में कृषि क्षेत्र में उत्पादकता एवं उन्नतशीलता बढ़ने से संबंधित अपने सुझाव दिए गए।
इस अवसर पर उप कृषि निदेशक डॉ0 राकेश कुमार सिंह सहित कृषि वैज्ञानिक एवं संबंधित अधिकारी, स्थानीय किसान भाई आदि उपस्थित रहे।
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