डा सुनील यादव अध्यक्ष, फार्मेसिस्ट फेडरेशन
फार्मा रत्न–2025 सम्मान: स्व. प्रो. मंजीत सिंह को मरणोपरांत, प्रो. पी.एल. शर्मा और प्रो. वाई.के. गुप्ता को सम्मानित किया गया
“Empowering Young Minds to Transform Pharmacology for Viksit Bharat (Developed India)” विषय पर अंतर्राष्ट्रीय फार्माकोलॉजी सम्मेलन में सम्मान समारोह आयोजित
फार्मेसिस्ट फेडरेशन की राष्ट्रीय वैज्ञानिक समिति की संस्तुति पर, ऑर्डर ऑफ कनाडा से सम्मानित वरिष्ठ विश्वविख्यात वैज्ञानिक प्रो. नरंजन एस. ढल्ला की विशिष्ट उपस्थिति में, फार्मा रत्न–2025 सम्मान प्रदान किए गए।
विश्व स्तर पर औषधि विज्ञान को दिशा देने वाले स्व. प्रोफेसर मंजीत सिंह को मरणोपरांत, तथा चिकित्सा एवं औषधि विज्ञान में उत्कृष्ट योगदान हेतु PGIMER चंडीगढ़ के एमेरिटस प्रोफेसर पी.एल. शर्मा और AIIMS कल्याणी के अध्यक्ष प्रो. वाई.के. गुप्ता को फार्मा रत्न–2025 सम्मान से अलंकृत किया गया।
सम्मान समारोह इंडियन फार्माकोलॉजिकल सोसायटी (IPS) द्वारा पंजाब यूनिवर्सिटी, चंडीगढ़ में आयोजित 5 दिवसीय IPSCON के दौरान संपन्न हुआ।
सम्मान फेडरेशन के सलाहकार एवं NIPER हैदराबाद के संस्थापक निदेशक प्रो. पी.वी. दीवान, IPS के पूर्व अध्यक्ष डॉ. शिवप्रकाश, और फेडरेशन की वैज्ञानिक विंग के चेयरमैन प्रो. हरलोकेश यादव सहित वरिष्ठ वैज्ञानिकों द्वारा प्रदान किया गया।
स्व. प्रो. मंजीत सिंह की ओर से यह सम्मान उनकी पत्नी श्रीमती मंजीत कौर और सुपुत्र डॉ. अमितोज ने ग्रहण किया।
प्रमुख वैज्ञानिकों का संबोधन
सम्मान समारोह को प्रो. ढल्ला के अतिरिक्त
यूएसए के प्रो देवेंद्र अग्रवाल, पंजाब विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो रेणु विग, आईपीएस अध्यक्ष प्रो बेंज बरुआ, आयोजन समिति के सचिव प्रो अनिल कुमार, डॉ मोहम्मद इदरीश, डॉ आर जे यादव, डॉ संगीता, डॉ विभव, डॉ नीरज, डॉ यति शर्मा , डॉ राहुल वर्मा तथा 15 अन्य देशों से आए वरिष्ठ वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों
द्वारा संबोधित किया गया
फेडरेशन अध्यक्ष सुनील यादव, महासचिव अशोक कुमार तथा वैज्ञानिक विंग के चेयरमैन प्रो. हरलोकेश ने बताया कि कार्यक्रम में 1500 से अधिक डेलीगेट्स और 300 से अधिक आमंत्रित शिक्षक–शोधकर्ता उपस्थित रहे।
सम्मेलन का वैज्ञानिक सार
5 दिवसीय सम्मेलन के दौरान विभिन्न सभागारों में 100 से अधिक शोधकर्ताओं ने नवीन शोध प्रस्तुत किए।
आईपीएस द्वारा आयोजित 2-दिवसीय प्री-कॉन्फ्रेंस वर्कशॉप में युवा वैज्ञानिकों ने नवीन शोध तकनीकों, उन्नत प्रायोगिक विधियों और फार्माकोलॉजिकल इनोवेशन पर विशेष प्रशिक्षण प्राप्त किया।
सम्मेलन में प्रमुख रूप से निम्न विषयों पर फोकस किया गया—
लक्षित फार्माकोथेरेपी
अत्याधुनिक वैज्ञानिक खोजें
सटीक चिकित्सा (Precision Medicine)
नैनोमेडिसिन
फार्मास्यूटिकल विज्ञान में AI/ML अनुप्रयोग
दवाओं का तर्कसंगत उपयोग
युवाओं की भूमिका व नेतृत्व क्षमता
सम्मेलन का मुख्य संदेश रहा कि—
“अनुसंधान दवा विकास को नया स्वरूप दे रहा है; इसके लिए युवाओं को और अधिक सशक्त बनाना आवश्यक है।
अब तक के ‘फार्मा रत्न’ सम्मानित
1. स्व. राम उजागर पांडे 2. प्रो. हरलोकेश नारायण यादव
3. सुनील कुमार यादव 4. डॉ. शिवप्रकाश
5. प्रो. (डॉ.) पी.वी. दीवान 6. प्रो. मंजीत सिंह (मरणोपरांत)
7. प्रो. पी.एल. शर्मा 8. प्रो. वाई.के. गुप्ता
अब तक के फार्मा रत्न सम्मान का विस्तृत विवरण
1. स्व राम उजागर पांडे
पूर्व महामंत्री डीपीए उत्तर प्रदेश
2. प्रो हरलोकेश नरायन यादव
प्रोफ़ेसर एम्स नई दिल्ली
3. सुनील कुमार यादव
तत्कालीन अध्यक्ष
स्टेट फार्मेसी काउंसिल उत्तर प्रदेश
4. डा शिवप्रकाश
अध्यक्ष इंडियन फार्माकोलॉजिकल सोसायटी
5. प्रो डा पी वी दीवान
संस्थापक निदेशक
राष्ट्रीय औषधीय शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (नाइपर /NIPER) हैदराबाद
6. स्व प्रो मंजीत सिंह, पंजाब यूनिवर्सिटी (मृत्युपरांत)
7. प्रो पी एल शर्मा
Emeritus professor PGIMER Chandigarh
8. प्रो वाई के गुप्ता
अध्यक्ष एम्स कल्याणी
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