लखनऊ। एंटीबायोटिक दवाओं की निर्धारित खुराक लेनी बहुत जरूरी है। ऐसा न करने पर कई तरह के नुकसान हो सकते हैं। अधूरी खुराक से मर्ज ठीक होने के बजाय गंभीर हो सकता है। इलाज अधूरा छोड़ने पर एंटीबायोटिक दवा के प्रति रोग प्रतिरोधक क्षमता विकसित हो जाती है। इससे मर्ज के गंभीर होने का खतरा बढ़ जाता है। फॉर्मेसिस्ट फेडरेशन की साइंफिटिक कमेटी की ओर से बुधवार को आयोजित सेमिनार में विशेषज्ञों ने यह बात कही। यह सेमिनार एंटीमाइक्रोबियल जागरूकता सप्ताह के तहत हुआ। फेडरेशन के अध्यक्ष व सिविल अस्पताल के चीफ फार्मासिस्ट सुनील यादव ने कहा कि एंटीबायोटिक दवाएं सीमित संख्या में हैं। लिहाजा बहुत सोच-समझकर इस्तेमाल करना चाहिए। विना डॉक्टर से सलाह के ये दवाएं नहीं लेनी चाहिए।
ADAPNEWS.IN Online News Portal