Breaking News
Home / Poll / हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस की डबल बेंच ने बन्दरों को पकड़ कर जंगल में छोड़ने का प्रोसेस जारी रखने का नगर पंचायत मगहर को दिया आदेश

हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस की डबल बेंच ने बन्दरों को पकड़ कर जंगल में छोड़ने का प्रोसेस जारी रखने का नगर पंचायत मगहर को दिया आदेश


◾हाईकोर्ट में दाखिल जनहित याचिका में पार्टी है उ० प्र० राज्य, जिला मजिस्ट्रेट, चेयरमैन, अधिशासी अधिकारी नगर पंचायत मगहर, प्रभागीय वनाधिकारी वन प्रभाग, क्षेत्रीय वन अधिकारी संतकबीरनगर।

 

◾अगर नगर पंचायत मगहर शीघ्र सभी बन्दरों को पकड़वाकर जंगलों में नहीं छोड़ता तो मैं मगहर में बन्दरों की भारी उपस्थिति का वीडियो ग्राफी करवाकर हाईकोर्ट में अवमानना दाखिल कर प्रतिवादीगणों को दण्डित, भारी जुर्माना आदि लगाने का अनुरोध करुगाँ।

 

संतकबीरबगर:नगर पंचायत मगहर के विभिन्न वार्डों में वर्षों से जारी लाल मुंह के बंदरों के भीषण उत्पात से परेशान मगहरवासियों को निजात दिलाने के लिए मगहर निवासी पत्रकार/सामाजिक कार्यकर्ता पुष्पेश नन्दन रावत ने लाल बन्दरों को पकडवाकर कुसमी जंगल गोरखपुर में छोड़वाने का वीणा उठाया उन्होंने इस संबंध में नगर पंचायत मगहर के चेयरमैन,अधिशासी अधिकारी, जिलाधिकारी, प्रभागीय वनाधिकारी, क्षेत्रीय वनाधिकारी प्रमुख सचिव नगर विकास विभाग, वन विभाग को पत्र भेजकर अनुरोध किया था। कोई कार्यवाही न किये जाने पर पुष्पेश नन्दन रावत माननीय उच्च न्यायालय इलाहाबाद के शरण में गये और जनहित याचिका दाखिल कर बन्दरों को पकडवाकर कुसमी जंगल में छोड़वाने की गुहार लगाया। पुष्पेश नन्दन रावत के पीआईएल पर 27 नवम्बर को सुनवाई हुई जिसमें याची के वरिष्ठ अधिवक्ता रविन्द्र प्रकाश श्रीवास्तव ने बहस और अपने तर्क प्रस्तुत किये‌। चीफ जस्टिस अरुण भंसाली एवं जस्टिस क्षितिज शैलेंद्र के आदेश कहा गया हैं कि नगर पंचायत, मगहर की ओर से निर्देश पेश किए गए हैं, जिसमें बताया गया है कि बंदरों को पकड़ने के लिए 24 मार्च 2025 को एक शॉर्ट टर्म टेंडर जारी किया गया था। उस टेंडर के अनुसार, 04 अप्रैल 2025 को वर्क ऑर्डर जारी किया गया था और उस कॉन्ट्रैक्टर ने काम शुरू किया है, जिससे कई बंदरों को पकड़कर पास के जंगल में भेजा गया है। आगे यह भी कहा गया है कि शुरू किया गया प्रोसेस जारी रहेगा। निर्देशों के साथ एक अखबार की कटिंग भी पेश की गई है, जिसमें बताया गया है कि इस बारे में प्रोसेस शुरू कर दिया गया है और ऐसे 80 बंदरों को पकड़कर पास के जंगल में छोड़ दिया गया है। पिटीशनर के वकील का कहना है कि किया गया दावा बेबुनियाद है क्योंकि बंदर नगर पंचायत के अंदर ही हैं। बंदरों को पकड़ने के लिए कॉन्ट्रैक्टर रखने में रेस्पोंडेंट द्वारा शुरू किया गया प्रोसेस और पास के जंगल में छोड़ना एक लगातार चलने वाला प्रोसेस है। चीफ जस्टिस की डबल बेंच ने अपने आदेश में कहा है कि इस मामले को देखते हुए, रेस्पोंडेंट्स से उम्मीद की जाती है कि वे बंदरों को पकड़ने और उन्हें जंगल में छोड़ने का प्रोसेस जारी रखेंगे। सामाजिक कार्यकर्ता पुष्पेश नन्दन रावत ने कहा कि अधिशासी अधिकारी द्वारा हाईकोर्ट में अपने जवाब में कहा है कि बन्दरों को पकड़ने काम शुरू किया है। शुरू किया गया प्रोसेस जारी रहेगा। मात्र एक बार बन्दरों को पकडवाकर फर्जी खबर छपवाकर हाईकोर्ट लगाया गया है। बन्दरों को पकड़ने का अभियान पूरी तरह ठप है। श्री रावत ने कहा है कि अगर नगर पंचायत मगहर शीघ्रातिशीघ्र सम्पूर्ण मगहर में अभियान चलाकर सभी बन्दरों को पकड़वाकर जंगलों में नहीं छोड़ता तो मैं जल्द ही मगहर में बन्दरों की उपस्थिति का वीडियो ग्राफी करवाकर माननीय हाईकोर्ट में अवमानना दाखिल कर प्रतिवादीगणों को दण्डित, भारी जुर्माना आदि लगाने का अनुरोध करुगाँ।

गौरतलब हो कि नगर पंचायत मगहर के विभिन्न वार्डों में वर्षों से जारी लाल मुंह के बंदरों के भीषण उत्पात से मगहरवासी काफी परेशान हैं। काजीपुर, मोहनलालपुर तिवारी टोला आजाद नगर सहित आसपास के मुहल्लों में बंदरों का भीषण आतंक दिनों दिन बढ़ता जा रहा है। ये बंदर दिन भर गलियों, मकानों के छतों व पेड़ों पर डेरा डाले रहते हैं। ऐसे में लोगों का गलियों में निकलना व छतों पर चढ़ना मुश्किल हो रहा है। दिनों दिन बढ़ते बंदरों के आतंक से मगहरवासी खासे परेशान हो रहे हैं। उत्पाती बंदर छतों पर सूखते हुए पकड़े नोच कर फाड़ने व खाने-पीने की सामग्री हाथों से झपटकर ले जाते हैं। इन उत्पाती बंदरों ने दर्जनों लोगों को काटकर घायल भी कर दिया है। ऐसे में लोगों में भय का माहौल बना हुआ है। सड़क से आने-जाने वाले राहगीरों पर अचानक धावा बोलते रहते हैं। बंदर घरों से लोगों का सामान उठाकर ले जा रहे हैं। इन दिनों बंदरों के आतंक से लोग त्रस्त है। बंदर सुबह से शाम तक लोगों के घरों, छतों पर धमाचौकड़ी मचाते हैं। खेतों में बोई गई सब्जी उखाड़ देते हैं। झुंड के रूप में मौजूद बंदर घरों के अंदर से सामान निकाल कर ले जाते हैं। बंदरों का उत्पात मगहर के सभी इलाकों में देखने को मिल रहा है। सैकडों की तादाद में झुंड के झुंड बंदरों द्वारा घरों के ऊपर लगी पानी की टंकी का ढक्कन, पाइप, डीस व सीसी टीवी कैमरे के तार नोच देते हैं। छतों पर सूखने के लिए फैलाए गये कपड़ों को भी उठा ले जाते हैं। रास्ते में लोगों से सामान छीनकर चोटिल तक कर देते हैं। बंदरों के उत्पात से सभी लोग परेशान हैं। तिवारी टोला, मोहनलालपुर, आजाद नगर, काजीपुर, तेली टोला, गाँधी आश्रम में सैकड़ों की संख्या में लाल मुंह के बंदरों ने डेरा डाल रखा है। बंदर समूहों में घरों में पहुंचकर सामान ले जाते है। घरवाले जब इन बंदरों को भगाने का प्रयास करते हैं तो वह उन पर हमला कर उन्हें घायल कर देते है। अब तक दर्जन स्त्री- पुरुष, बच्चे बंदरों के हमलों से घायल हो चुके है। लाल मुंह वाले बंदरों का आतंक से कस्बें के नागरिकों में दहशत का माहौल बन गया है। खाने- पीने की तलाश में 50- 50 बंदरों का झुंड आता है मकानों के सामने ठिया जमा लेते हैं। कई बार बच्चों पर भी हमला करते हैं कई जख्मी भी हुये हैं स्थिति यह हो गई है कि बंदरों की वजह से घरों से छत पर जाना मुश्किल हो गया है।

About Adap News

Check Also

ऑपरेशन विजय सुप्रीमों शिवमंगल सिंह आईपी की बेटी का रक्षा मंत्रालय में अभियांता के पद पर हुआ चयन बधाइयों का लगा ताँता

🔊 पोस्ट को सुनें   कानपुर शिवमंगल सिंह आईपी की बेटी का रक्षा मंत्रलय में …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Best WordPress Expert Digital Nisar