सामाजिक न्याय, संविधान की रक्षा, बहुजन समाज के अधिकारों और लोकतांत्रिक मूल्यों की मजबूती के लिए PDA की एकजुटता जरूरी — अनुराग आजाद
लखनऊ। डॉ. भीमराव अंबेडकर एवं रमाबाई चेतना संस्थान, उत्तर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष अनुराग आजाद ने कहा कि बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर द्वारा निर्मित संवैधानिक मूल्यों, सामाजिक न्याय की विचारधारा और वंचित वर्गों के अधिकारों की रक्षा आज समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में PDA की एकजुटता प्रदेश की राजनीति में निर्णायक भूमिका निभा सकती है। संविधान, लोकतंत्र, समानता और सामाजिक न्याय में विश्वास रखने वाले लोगों को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होकर एकजुट होना होगा।
अनुराग आजाद ने कहा कि बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर ने ऐसा भारत बनाने का सपना देखा था, जहां प्रत्येक नागरिक को समान अधिकार, सम्मान और अवसर प्राप्त हों। उनका संघर्ष केवल किसी एक वर्ग के लिए नहीं, बल्कि ऐसे समाज की स्थापना के लिए था, जिसमें जाति, भेदभाव, असमानता और सामाजिक अन्याय के लिए कोई स्थान न हो। आज बाबा साहब के विचारों को केवल भाषणों और कार्यक्रमों तक सीमित रखने के बजाय उन्हें सामाजिक और राजनीतिक जीवन में उतारने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि संविधान देश के प्रत्येक नागरिक की ताकत है। संविधान ने हर व्यक्ति को समानता, स्वतंत्रता और न्याय का अधिकार दिया है। इसलिए संविधान की मूल भावना, लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्वतंत्रता, आरक्षण की व्यवस्था तथा वंचित और कमजोर वर्गों के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा करना प्रत्येक जागरूक नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे बाबा साहब के विचारों को पढ़ें, समझें और समाज में शिक्षा, जागरूकता तथा संगठन को मजबूत बनाने के लिए आगे आएं।
2027 में PDA की एकजुटता बनेगी बड़ा राजनीतिक मुद्दा
अनुराग आजाद ने कहा कि उत्तर प्रदेश का आगामी विधानसभा चुनाव केवल सत्ता परिवर्तन का सवाल नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय, रोजगार, शिक्षा, किसानों, नौजवानों, महिलाओं और वंचित समाज के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर भी महत्वपूर्ण बहस का अवसर होगा। PDA की विचारधारा के अंतर्गत पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक समुदायों सहित समाज के विभिन्न वंचित वर्गों की भागीदारी और सम्मान का प्रश्न प्रमुखता से उठाया जा सकता है।उन्होंने कहा कि जब समाज के विभिन्न वर्ग अपने संवैधानिक अधिकारों, शिक्षा, रोजगार, महंगाई, सामाजिक सुरक्षा और समान अवसरों जैसे मुद्दों पर एकजुट होकर आवाज उठाते हैं, तो लोकतंत्र और अधिक मजबूत होता है। वर्ष 2027 में जनता अपने अनुभवों, सरकार के कामकाज और जनहित से जुड़े मुद्दों के आधार पर अपना निर्णय लेगी। PDA की एकजुटता को मजबूत करना और जनसमस्याओं को जनता के बीच उठाना इस राजनीतिक प्रक्रिया का अहम हिस्सा हो सकता है।बाबा साहब के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प संस्थान के प्रदेश अध्यक्ष अनुराग आजाद ने कहा कि डॉ. अंबेडकर और माता रमाबाई का जीवन संघर्ष, त्याग, शिक्षा और सामाजिक परिवर्तन की प्रेरणा देता है। बाबा साहब ने शिक्षा को समाज की उन्नति का महत्वपूर्ण माध्यम माना। इसलिए समाज के प्रत्येक परिवार को अपने बच्चों की शिक्षा, युवाओं के भविष्य और महिलाओं की भागीदारी पर विशेष ध्यान देना चाहिए।उन्होंने कहा कि डॉ. भीमराव अंबेडकर एवं रमाबाई चेतना संस्थान, उत्तर प्रदेश का उद्देश्य बाबा साहब के विचारों, संवैधानिक जागरूकता, सामाजिक समानता और शिक्षा के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के प्रयासों को मजबूत करना है। समाज में व्याप्त भेदभाव और अन्याय के विरुद्ध जागरूकता पैदा करना तथा जरूरतमंद और वंचित लोगों को उनके अधिकारों के प्रति सजग बनाना समय की मांग है।अनुराग आजाद ने युवाओं से आह्वान किया कि वे केवल सोशल मीडिया तक सीमित न रहें, बल्कि गांवों, मोहल्लों और बस्तियों में लोगों के बीच जाकर शिक्षा, संविधान, रोजगार और सामाजिक न्याय के मुद्दों पर जागरूकता फैलाएं। लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता की सक्रिय भागीदारी ही बदलाव की मजबूत नींव तैयार करती है।संविधान की रक्षा और सामाजिक न्याय के लिए एकजुट होने की अपीलअनुराग आजाद ने कहा कि बाबा साहब का संदेश हमें सिखाता है कि अधिकारों के प्रति जागरूक रहना, शिक्षा प्राप्त करना और संगठित होकर लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष करना समाज की प्रगति के लिए आवश्यक है। उन्होंने कहा कि 2027 में उत्तर प्रदेश की जनता के सामने सामाजिक न्याय, संविधान की गरिमा, रोजगार, शिक्षा और विकास जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे होंगे। इन मुद्दों को लेकर व्यापक जनजागरण की आवश्यकता है।उन्होंने कहा कि राजनीतिक परिवर्तन का रास्ता जनता की जागरूकता, जनभागीदारी और लोकतांत्रिक निर्णय से होकर गुजरता है। PDA की एकजुटता को लेकर उनका विश्वास है कि यदि सामाजिक न्याय और जनहित के मुद्दों पर व्यापक स्तर पर संवाद और संगठन का काम किया जाए, तो वर्ष 2027 के चुनाव में एक मजबूत राजनीतिक चुनौती खड़ी हो सकती है।अंत में अनुराग आजाद ने कहा कि बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर के संविधान, समानता और सामाजिक न्याय के विचारों को मजबूत करना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है। उन्होंने जनता से अपील की कि वे संविधान की रक्षा, शिक्षा के विस्तार, सामाजिक सद्भाव और अपने अधिकारों के प्रति जागरूकता को जनआंदोलन का स्वरूप देने के लिए आगे आएं।उनका संदेश स्पष्ट है—संविधान की रक्षा, सामाजिक न्याय का संकल्प, युवाओं के लिए बेहतर भविष्य और लोकतंत्र में जनता की मजबूत भागीदारी। वर्ष 2027 में PDA की एकजुटता इन्हीं मुद्दों को लेकर प्रदेश की राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का प्रयास करेगी।
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