पत्रकारिता के साथ सामाजिक सद्भाव और भाईचारे की आवाज बुलंद करने के लिए मिला सम्मान
गोरखपुर, उत्तर प्रदेश समाज में अमन, शांति, भाईचारे और आपसी सद्भाव को मजबूत करने की दिशा में सक्रिय लोगों को सम्मानित करने के उद्देश्य से इमामबाड़ा मुतवल्लियान कमेटी, गोरखपुर के तत्वावधान में सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम इस्लामिया इंटर कॉलेज, बक्शीपुर स्थित अमन हाल, गोरखपुर में आयोजित हुआ। समारोह में पैगाम-ए-मोहब्बत के हिमायतियों, मुतवल्लियों तथा मोहर्रम के दौरान शांति एवं व्यवस्था बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले लोगों को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता इमामबाड़ा मुतवल्लियान कमेटी के सदर एवं जिला अध्यक्ष सैयद इरशाद अहमद ने की, जबकि संचालन डॉ. दिलशाद गोरखपुरी ने किया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मुफ्ती मोतिउर रहमान, शहर काजी गोरखपुर रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ कारी जमील अहमद मिस्बाही द्वारा कलाम-ए-पाक की तिलावत से हुआ।
समारोह में पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए सामाजिक सौहार्द, अमन और भाईचारे का संदेश आगे बढ़ाने वाले प्रेस मीडिया इंग्लिश डेली अखबार के नार्थ ऑपरेशनल हेड एवं इंडिया खबर के चीफ एडिटर सेराज अहमद कुरैशी को अंगवस्त्र एवं उपहार भेंट कर सम्मानित किया गया।
सेराज अहमद कुरैशी का पत्रकारिता से जुड़ा व्यक्तित्व केवल समाचारों के संकलन और प्रकाशन तक सीमित नहीं है। वे पत्रकारिता को समाज की आवाज बनने के साथ-साथ सामाजिक एकता, संवाद, भाईचारे और सकारात्मक सोच को बढ़ावा देने का माध्यम मानते हैं। लंबे समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए उन्होंने पत्रकारों की समस्याओं, उनके अधिकारों और सम्मान से जुड़े मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाया है।
उनके व्यक्तित्व की विशेषता यह है कि वे सामाजिक और सामुदायिक विषयों पर संवाद एवं सकारात्मक पहल को महत्व देते हैं। विभिन्न वर्गों के लोगों के बीच बेहतर संवाद और आपसी विश्वास कायम करने की आवश्यकता पर वे लगातार जोर देते रहे हैं। यही कारण है कि अमन और मोहब्बत के संदेश को आगे बढ़ाने वाले कार्यक्रम में उन्हें सम्मानित किया जाना उनके सामाजिक सरोकारों के प्रति सम्मान के रूप में देखा गया।
सेराज अहमद कुरैशी इंडियन जर्नलिस्ट एसोसिएशन® के संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में भी पत्रकार हितों के लिए सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। संगठन के माध्यम से पत्रकारों की एकता, पत्रकारों की सुरक्षा, उनके अधिकारों और सम्मान के मुद्दों को मजबूती से उठाने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जाते रहे हैं।
सेराज अहमद कुरैशी के कृतित्व का एक महत्वपूर्ण पक्ष पत्रकारों के हितों से जुड़ा हुआ है। उनका मानना है कि लोकतंत्र में पत्रकार समाज और शासन के बीच महत्वपूर्ण कड़ी की भूमिका निभाते हैं। इसलिए पत्रकारों को स्वतंत्र एवं सुरक्षित वातावरण मिलना जरूरी है।
इसी सोच के साथ वे पत्रकारों की समस्याओं को संगठित रूप से उठाने, पत्रकार एकता को मजबूत करने तथा पत्रकार सुरक्षा से जुड़े विषयों को सार्वजनिक विमर्श का हिस्सा बनाने पर जोर देते रहे हैं। उनके नेतृत्व में इंडियन जर्नलिस्ट एसोसिएशन® द्वारा विभिन्न प्रदेशों और जिलों में पत्रकारों को संगठित करने तथा पत्रकार हितों से संबंधित कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहे हैं।
उनकी कार्यशैली में संगठन विस्तार के साथ-साथ पत्रकारों के बीच आपसी समन्वय और संवाद को विशेष महत्व दिया जाता है। देश के विभिन्न हिस्सों में पत्रकारों को एक मंच पर जोड़ने की उनकी पहल भी उनके संगठनात्मक व्यक्तित्व का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
गोरखपुर की पहचान लंबे समय से सामाजिक और सांस्कृतिक समन्वय की धरती के रूप में रही है। ऐसे में मोहर्रम के दौरान शांति व्यवस्था, आपसी सहयोग और भाईचारे को मजबूत करने वाले लोगों का सम्मान अपने आप में महत्वपूर्ण संदेश है।
इमामबाड़ा मुतवल्लियान कमेटी के जिला अध्यक्ष सैयद इरशाद अहमद ने कहा कि मोहर्रम के दौरान जुलूसों को शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न कराने और अमन-शांति कायम रखने में सहयोग करने वाले मुतवल्लियों तथा सामाजिक कार्यकर्ताओं का सम्मान करना समाज में मोहब्बत और भाईचारे का संदेश देने की पहल है। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण वातावरण बनाए रखने के लिए जिम्मेदारी निभाने वाले लोग वास्तव में सम्मान के हकदार हैं।
कमेटी के महासचिव हाजी सोहराब खान ने कहा कि अमन पसंद लोगों का स्वागत और सम्मान करना सभी की जिम्मेदारी है। समाज से नफरत को खत्म करने के लिए मोहब्बत, भाईचारे और आपसी सम्मान का संदेश लगातार आगे बढ़ाना जरूरी है।
विशिष्ट अतिथि डॉ. सौरभ पांडेय, धराधाम प्रमुख, तथा गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष जसपाल सिंह ने आयोजन के लिए इमामबाड़ा मुतवल्लियान कमेटी को बधाई दी। उन्होंने कहा कि सामाजिक सौहार्द और आपसी भाईचारा किसी एक वर्ग की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। सभी वर्गों के लोग मिलकर सकारात्मक प्रयास करेंगे तो समाज में नफरत और वैमनस्य के लिए कोई स्थान नहीं रहेगा।
समारोह में सेराज अहमद कुरैशी को सम्मानित करते हुए उनके पत्रकारिता एवं सामाजिक सरोकारों की भी सराहना की गई। वक्ताओं ने कहा कि पत्रकार यदि अपनी लेखनी और संवाद के माध्यम से समाज को जोड़ने का काम करें तो पत्रकारिता की भूमिका और अधिक प्रभावशाली हो जाती है।
सम्मान प्राप्त करने के बाद सेराज अहमद कुरैशी के लिए यह उपलब्धि केवल व्यक्तिगत सम्मान नहीं, बल्कि अमन और सामाजिक एकता के लिए किए जा रहे प्रयासों को और मजबूती से आगे बढ़ाने की प्रेरणा भी है। पत्रकारिता के माध्यम से समाज की समस्याओं को सामने लाने के साथ-साथ सकारात्मक सामाजिक संदेशों को जन-जन तक पहुंचाना उनके कार्य का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है।
उनके व्यक्तित्व में पत्रकार, संगठनकर्ता और सामाजिक सरोकारों से जुड़े व्यक्ति की भूमिकाएं एक-दूसरे से जुड़ी दिखाई देती हैं। वे पत्रकारों की समस्याओं को उठाने के साथ समाज में संवाद और सद्भाव की आवश्यकता पर भी जोर देते हैं। यही समन्वित दृष्टिकोण उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में अलग पहचान देता है।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने अमन, शांति, आपसी भाईचारे और मोहब्बत को मजबूत करने का संकल्प लिया। वक्ताओं ने कहा कि नफरत का जवाब नफरत से नहीं, बल्कि प्रेम, संवाद, धैर्य और आपसी सम्मान से दिया जाना चाहिए।
समारोह ने गोरखपुर की गंगा-जमुनी तहजीब, सामाजिक एकता और आपसी भाईचारे का संदेश देते हुए समाज के सभी वर्गों को मिल-जुलकर अमन कायम रखने की प्रेरणा दी।
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