सहारा इंडिया कोऑपरेटिव सोसायटी लिमिटेड
मोदी सरकार ने अर्बन कोऑपरेटिव बैंकों का अम्ब्रेला ऑर्गेनाइजेशन NUCFDC बनाकर इस पूरे क्षेत्र को नई गति देने का काम किया है। आज मुंबई में NUCFDC के नवीन कार्यालय परिसर का उद्घाटन किया। यह अम्ब्रेला ऑर्गेनाइजेशन अर्बन कोऑपरेटिव बैंकों को तकनीकी व संस्थागत सहयोग, म्यूल हंटर जैसे सॉफ्टवेयर और प्रशिक्षण उपलब्ध कराएगा, जिससे ये बैंक पारदर्शी व आधुनिक बनकर अन्य बैंकों के साथ समान स्तर पर खड़े हो सकेंगे।
मान्यवर क्या सहारा इंडिया परिवार विदेश की कंपनी थी क्या आप लोगों ने सहारा इंडिया परिवार को लाइसेंस दिया RBI के contect में काम कर रही थी जोकि सहारा इंडिया परिवार कोऑपरेटिव सेक्टर में सबसे बड़ी कंपनी थी जिसने 49 साल भारत में काम किया जिसमें 15 लाख से ज्यादा कार्यकर्ता और 13 करोड़ से अधिक जमाकर्ता शामिल थे जोकि दुनिया में रेलवे के बाद सबसे ज्यादा नौकरी देने वाली कंपनी थी आज उसको बंद करने के लिए बहुत से अधिक और सरकार और सेबी भी शामिल है 〽️ माननीय हमारे देश के सहकारिता मंत्री जी आप सहारा इंडिया परिवार के लोगों को न्याय दीजिए और जो पोर्टल बनाया है वो पूरी तरह फेल हो चुका है सहारा इंडिया परिवार का भुक्तान काउंटर से शुरू किया जाए जिसे कार्यकर्ताओं को रोजगार मिल सके और निवेशकों को काउंटर से भुक्तान हो सहारा के लोगों की पुकार सुना जाए 🙏 जिसे वो दुबारा खड़ी होकर अपने परिवार का सहारा बने लोगो को न्याय दिला सके 🙏 🙏 🙏
साथ ही, अर्बन कोऑपरेटिव बैंकों के लिए ‘बैंक इन ए बॉक्स’ सेवा का शुभारंभ हुआ, सिक्योरिटी ऑपरेशन सेंटर की शुरुआत हुई और NUCFDC व NFSU के बीच MoU हुआ। इससे एक शाखा वाले छोटे से छोटे बैंक तक भी कोर बैंकिंग, डिजिटल भुगतान और क्लाउड जैसी आधुनिक सुविधाएं तथा 24×7 साइबर निगरानी और डिजिटल फॉरेंसिक की सुरक्षा बेहद कम लागत पर पहुंच सकेगी, जिससे बैंकों के साथ-साथ उनके ग्राहकों का भरोसा भी और मजबूत होगा।
मोदी सरकारने अर्बन कोऑपरेटिव्ह बँकांसाठी अम्ब्रेला ऑर्गनायझेशन NUCFDC ची स्थापना करून या संपूर्ण क्षेत्राला नवीन गती देण्याचे काम केले आहे. आज मुंबईत NUCFDC च्या नवीन कार्यालयीन परिसराचे उद्घाटन केले. ही अम्ब्रेला ऑर्गनायझेशन अर्बन कोऑपरेटिव्ह बँकांना तांत्रिक व संस्थात्मक सहकार्य, ‘म्युल हंटर’सारखे सॉफ्टवेअर आणि प्रशिक्षण उपलब्ध करून देईल, ज्यामुळे या बँका पारदर्शक व आधुनिक बनून इतर बँकांच्या बरोबरीने सक्षमपणे उभ्या राहू शकतील.
तसेच, अर्बन कोऑपरेटिव्ह बँकांसाठी ‘बँक इन ए बॉक्स’ सेवेचा शुभारंभ झाला, सिक्युरिटी ऑपरेशन सेंटरची सुरुवात झाली आणि NUCFDC व NFSU दरम्यान सामंजस्य करार झाला. यामुळे अगदी एका शाखेच्या छोट्यात छोट्या बँकेपर्यंत कोअर बँकिंग, डिजिटल पेमेंट आणि क्लाउड यांसारख्या आधुनिक सुविधा तसेच २४×७ सायबर देखरेख आणि डिजिटल फॉरेन्सिकची सुरक्षा अत्यंत कमी खर्चात पोहोचू शकेल, ज्यामुळे बँकांसोबतच त्यांच्या ग्राहकांचा विश्वासही अधिक मजबूत होईल.
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