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इंडियन जर्नलिस्ट एसोसिएशन पत्रकारों की समस्याओं को राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मजबूती से उठाने के लिए प्रतिबद्ध – सेराज अहमद कुरैशी


 

पत्रकार हितों, सुरक्षा और अधिकारों को लेकर परभणी में इंडियन जर्नलिस्ट एसोसिएशन की बैठक सम्पन्न

परभणी, महाराष्ट्र।इंडियन जर्नलिस्ट एसोसिएशन, परभणी जिला महाराष्ट्र की महत्वपूर्ण बैठक शासकीय विश्रामगृह, परभणी में आयोजित की गई। बैठक में पत्रकारों की समस्याओं, उनके अधिकार, सुरक्षा, सम्मान तथा पत्रकारिता को मजबूत एवं स्वतंत्र बनाने से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। बैठक के मुख्य अतिथि इंडियन जर्नलिस्ट एसोसिएशन के संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष सेराज अहमद कुरैशी रहे। बैठक की अध्यक्षता परभणी जिलाध्यक्ष राजू कर्डिले ने की, जबकि संचालन शहराध्यक्ष राजकुमार शर्मा ने किया।
बैठक में संगठन की विचारधारा को दोहराते हुए कहा गया कि इंडियन जर्नलिस्ट एसोसिएशन अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पत्रकार हितों के लिए सतत संघर्षशील अग्रणी संस्था है, जो पत्रकारों की समस्याओं को शासन और प्रशासन तक पहुंचाने तथा उनके अधिकारों एवं सम्मान की रक्षा के लिए निरंतर प्रयासरत है।
मुख्य अतिथि राष्ट्रीय अध्यक्ष सेराज अहमद कुरैशी ने कहा कि पत्रकारिता का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। आज समाचार पत्रों के साथ-साथ न्यूज पोर्टल और यूट्यूब चैनल जैसे डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म भी समाचार एवं जनहित की सूचनाएं आम जनता तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इसलिए सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा योग्य एवं निर्धारित मानकों को पूरा करने वाले न्यूज पोर्टल और यूट्यूब चैनलों को भी आर.एन.आई. नंबर पंजीकरण व्यवस्था उपलब्ध कराने की मांग सरकार के समक्ष मजबूती से रखी जाएगी।
उन्होंने कहा कि पत्रकारिता को केवल माध्यम के आधार पर अलग-अलग श्रेणियों में बांटने के बजाय पत्रकारों की वास्तविक भूमिका, संस्थान की विश्वसनीयता और निर्धारित नियमों के आधार पर मान्यता देने की आवश्यकता है।
बैठक में समाचार पत्र उद्योग पर बढ़ते आर्थिक दबाव पर भी चिंता व्यक्त की गई। पदाधिकारियों ने कहा कि छोटे और मझोले समाचार पत्र आर्थिक कठिनाइयों के बावजूद जनता की आवाज को शासन-प्रशासन तक पहुंचाने का कार्य कर रहे हैं। ऐसे में अखबार तथा अखबारी कागज पर से जीएसटी हटाने की मांग सरकार के समक्ष रखी जाएगी, ताकि आर्थिक संकट से जूझ रहे छोटे एवं मध्यम समाचार पत्रों को राहत मिल सके।
महाराष्ट्र में पत्रकारों की लोकतांत्रिक भागीदारी को मजबूत करने के लिए बैठक में विधान परिषद में पत्रकारों के लिए पत्रकार निर्वाचन व्यवस्था बनाने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई। वक्ताओं ने कहा कि पत्रकार समाज की समस्याओं को लगातार सामने लाते हैं, इसलिए नीति निर्माण की प्रक्रिया में पत्रकार समुदाय की प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित करने पर सरकार को गंभीरता से विचार करना चाहिए।
बैठक में देशभर के पत्रकारों का व्यवस्थित डाटा बेस तैयार कर राष्ट्रीय पत्रकार रजिस्टर बनाए जाने की मांग रखी गई। वक्ताओं ने कहा कि पत्रकारों का प्रमाणिक एवं व्यवस्थित डाटा उपलब्ध होने से पत्रकारों की वास्तविक संख्या, उनकी कार्यक्षेत्र संबंधी जानकारी तथा उनके हित में बनाई जाने वाली योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने में सहायता मिलेगी।
जिलाध्यक्ष राजू कर्डिले ने कहा कि छोटे और मझोले समाचार पत्र सीमित संसाधनों में ग्रामीण और स्थानीय क्षेत्रों की समस्याओं को प्रमुखता से प्रकाशित करते हैं। इन समाचार पत्रों को सरकारी विज्ञापन मिलने से न केवल उनका आर्थिक आधार मजबूत होगा, बल्कि स्थानीय पत्रकारिता को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने छोटे एवं मझोले अखबारों को पारदर्शी एवं उचित विज्ञापन नीति के तहत पर्याप्त विज्ञापन उपलब्ध कराने की मांग की।
बैठक में निर्णय लिया गया कि पत्रकारों के हित, सुरक्षा, सम्मान एवं अधिकारों से जुड़े विभिन्न मुद्दों का विस्तृत ज्ञापन तैयार कर महाराष्ट्र के सभी संबंधित विधायकों एवं सांसदों को सौंपा जाएगा। संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि पत्रकारों की समस्याओं को राजनीतिक दलों से ऊपर उठकर जनप्रतिनिधियों के समक्ष रखा जाएगा, ताकि सरकार और विधानमंडल में पत्रकार हितों पर गंभीर चर्चा हो सके।
शहराध्यक्ष राजकुमार शर्मा ने कहा कि पत्रकारिता और प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए आवश्यक है। इसके लिए पत्रकारों एवं प्रशासनिक अधिकारियों के संयुक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाने चाहिए। प्रशिक्षण में पत्रकारों को उनके कानूनी एवं पेशेवर अधिकारों तथा कर्तव्यों की जानकारी दी जाए और प्रशासनिक अधिकारियों को भी पत्रकारों के अधिकार, प्रेस की स्वतंत्रता एवं लोकतांत्रिक भूमिका के संबंध में प्रशिक्षित किया जाए।
उन्होंने कहा कि संवाद और प्रशिक्षण से पत्रकार तथा प्रशासन के बीच अनावश्यक विवादों को कम किया जा सकता है और जनहित में बेहतर कार्य वातावरण तैयार किया जा सकता है।
बैठक में दैनिक समाचार पत्रों से संबंधित नियमों पर भी चर्चा हुई। संगठन ने मांग की कि दैनिक समाचार पत्रों पर प्रेस मशीन की अनिवार्यता समाप्त की जाए, ताकि छोटे एवं मझोले प्रकाशकों को अनावश्यक आर्थिक बोझ से राहत मिल सके और बदलती तकनीक के अनुरूप समाचार पत्रों के प्रकाशन की प्रक्रिया को सरल बनाया जा सके।
परभणी के ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत पत्रकारों की समस्याओं को भी बैठक में प्रमुखता से उठाया गया। वक्ताओं ने कहा कि ग्रामीण पत्रकारों को समाचार संकलन, प्रशासनिक अधिकारियों से संपर्क तथा जनसमस्याओं की रिपोर्टिंग के लिए अक्सर जिला मुख्यालय तक यात्रा करनी पड़ती है। इसलिए ग्रामीण पत्रकारों के लिए जिला मुख्यालय तक बसों में निःशुल्क यात्रा कार्ड उपलब्ध कराया जाना चाहिए।
वक्ताओं ने कहा कि ग्रामीण पत्रकार लोकतंत्र की जमीनी आवाज हैं। उन्हें यात्रा की सुविधा मिलने से वे ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याओं को और अधिक प्रभावी ढंग से सामने ला सकेंगे।
अध्यक्षीय संबोधन में राजू कर्डिले ने कहा कि पत्रकारों की एकजुटता ही उनके अधिकारों की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने सभी पत्रकारों से संगठन के माध्यम से पत्रकार हितों की आवाज को मजबूती से उठाने तथा पत्रकारों के बीच आपसी समन्वय बढ़ाने का आह्वान किया।
उपाध्यक्ष विष्णुपंत घनवटे ने कहा कि पत्रकारों की समस्याओं को केवल चर्चा तक सीमित न रखकर उन्हें संबंधित विभागों एवं जनप्रतिनिधियों तक पहुंचाने की आवश्यकता है। उन्होंने पत्रकार सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों के लिए सामूहिक प्रयास पर जोर दिया।
शहराध्यक्ष राजकुमार शर्मा ने कहा कि बदलते मीडिया परिदृश्य में पत्रकारों को तकनीकी एवं कानूनी रूप से जागरूक होना जरूरी है। उन्होंने पत्रकार और प्रशासन के बीच स्वस्थ संवाद एवं प्रशिक्षण कार्यक्रमों की आवश्यकता पर बल दिया।
बैठक में स्वच्छतादूत कावळे मामा ने भी पत्रकारों की सामाजिक भूमिका पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि पत्रकार समाज की समस्याओं को सामने लाने के साथ-साथ जनजागरूकता पैदा करने का महत्वपूर्ण कार्य करते हैं। उन्होंने पत्रकारों के सामाजिक सम्मान को और मजबूत करने की आवश्यकता बताई।
दत्ता साळवे ने पत्रकारों की जमीनी समस्याओं तथा ग्रामीण क्षेत्रों में समाचार संकलन के दौरान आने वाली कठिनाइयों पर प्रकाश डालते हुए संगठन के माध्यम से इन मुद्दों को शासन तक पहुंचाने की बात कही।
बालाजी कांबळे ने पत्रकारों की एकता और संगठनात्मक मजबूती को आवश्यक बताते हुए कहा कि पत्रकार हित से जुड़े सभी मुद्दों पर सामूहिक रूप से आवाज उठाई जानी चाहिए।
राष्ट्रीय अध्यक्ष सेराज अहमद कुरैशी ने अपने संबोधन में कहा कि पत्रकार लोकतंत्र का महत्वपूर्ण स्तंभ हैं और उनकी स्वतंत्रता, सुरक्षा तथा सम्मान लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि इंडियन जर्नलिस्ट एसोसिएशन पत्रकारों की समस्याओं को राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मजबूती से उठाने के लिए प्रतिबद्ध है।उन्होंने पत्रकारों से अपील की कि वे संगठन की शक्ति को मजबूत करें, आपसी मतभेदों से ऊपर उठकर पत्रकार हित में एकजुट हों और अपने अधिकारों के साथ-साथ पत्रकारिता के कर्तव्यों का भी ईमानदारी से निर्वहन करें।
बैठक में पत्रकार हितों से जुड़े सभी प्रस्तावों को आगे शासन एवं जनप्रतिनिधियों तक पहुंचाने तथा पत्रकार सुरक्षा, सम्मान, अधिकार एवं कल्याण के लिए निरंतर संघर्ष करने का संकल्प लिया गया।
बैठक में इंडियन जर्नलिस्ट एसोसिएशन परभणी जिलाध्यक्ष राजू कर्डिले, उपाध्यक्ष विष्णुपंत घनवटे, शहराध्यक्ष राजकुमार शर्मा, स्वच्छतादूत कावळे मामा, दत्ता साळवे, बालाजी कांबळे सहित अन्य पदाधिकारी एवं पत्रकार उपस्थित रहे।

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