डॉ हरिसिंह गौर विश्वविद्यालय के व्यवहारिक भू-विज्ञान विभाग के विद्यार्थियों ने पीएच.डी. प्रवेश में देशभर में मनवाया अपना लोहा सागर (मध्यप्रदेश)। डॉ. हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय, सागर के व्यवहारिक भू-विज्ञान विभाग ने एक बार फिर अपनी शैक्षणिक उत्कृष्टता का परिचय दिया है। विभाग के विद्यार्थियों ने भारत के कुछ सबसे प्रतिष्ठित शोध संस्थानों में पीएच.डी. के लिए प्रवेश प्राप्त किया है। विभाग निरंतर न केवल विभिन्न प्रतिस्पर्धी शासकीय सेवाओं में सफल अभ्यर्थी तैयार कर रहा है, बल्कि देश के अग्रणी शोध संस्थानों में प्रवेश दिलाने में भी उल्लेखनीय सफलता प्राप्त कर रहा है, जो विभाग के सशक्त शैक्षणिक एवं शोधोन्मुख वातावरण को दर्शाता है।
चयनित विद्यार्थियों में राहुल विश्वकर्मा एवं अभिश्रुति हांडिक ने आईआईटी बॉम्बे, उज्ज्वल शुक्ला ने आईआईटी कानपुर, अनुरूपा मिश्रा एवं शाश्वत सिन्हा ने सीएसआईआर–नेशनल जियोफिजिकल रिसर्च इंस्टीट्यूट, हैदराबाद, हर्षित मिश्रा एवं प्रियांग्शु देब ने भारतीय विज्ञान संस्थान, बेंगलुरु, राकेश काले ने आईआईएसईआर भोपाल तथा संस्कृति झा ने भारतीय सांख्यिकी संस्थान, कोलकाता में पीएचडी में प्रवेश हासिल कर अपना लोहा मनवाते हुए, देशभर में विभाग का परचम लहराया है।
विद्यार्थियों की इस उल्लेखनीय उपलब्धि पर उन्हें बधाई देते हुए व्यवहारिक भूविज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष प्रोफेसर अथोकपाम के. सिंह ने कहा कि ये चयन विद्यार्थियों की कड़ी मेहनत, समर्पण तथा विभाग द्वारा प्रदान की गई उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा एवं शोध प्रशिक्षण का प्रतिफल हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह विद्यार्थी भू-विज्ञान अनुसंधान के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान देंगे तथा विश्वविद्यालय को और अधिक गौरवान्वित करेंगे।
विभाग के सभी प्राध्यापकों एवं कर्मचारियों ने भी चयनित विद्यार्थियों को हार्दिक बधाई एवं उनके उज्ज्वल एवं सफल शोध-जीवन के लिए शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने आशा व्यक्त की कि ये उपलब्धियाँ भावी भू-विज्ञान विद्यार्थियों को देश के अग्रणी संस्थानों में उच्च शिक्षा एवं अनुसंधान के लिए प्रेरित करेंगी तथा विभाग की शैक्षणिक उत्कृष्टता की परंपरा को आगे बढ़ाती रहेंगी।
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