सन्त कबीर नगर जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी विशाल श्रीवास्तव ने बताया कि मामला थाना महुली क्षेत्र के ग्राम नगुआ का है। 19 मई 2016 की शाम लगभग 7:00 बजे बच्चों के बीच हुए विवाद और पुरानी रंजिश को लेकर राजाराम पुत्र बीरबल, बीरबल पुत्र बालक तथा सरोज देवी पत्नी राजाराम ने एकराय होकर वादी मुकदमा दुर्जन के दरवाजे पर चढ़कर गाली-गलौज शुरू कर दी।विरोध करने और बीच-बचाव करने आए दुर्जन के 70 वर्षीय चाचा झगरू, दुर्जन तथा टुनटुन पर अभियुक्तों ने लाठी-डंडों से जानलेवा हमला कर दिया। इस हमले में तीनों को गंभीर चोटें आईं। गंभीर रूप से घायल झगरू को इलाज के लिए ले जाया गया, जहां 22 मई 2016 की सुबह सिर की गंभीर चोटों के कारण उनकी मृत्यु हो गई।
जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी विशाल श्रीवास्तव ने बताया कि अभियोजन की तरफ से कुल 9 साक्षियों ने साक्ष्य दिया तथा मृतक का पोस्ट मार्टम करने वाले डॉक्टर शैलेन्द्र चौधरी ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर की चोटों की पुष्टि की तथा मृतक को 10 चोटें आई थी। चोटिल टुनटुन को 9 चोट व दुर्जन को 7 चोट आई थी ।जनपद एवं सत्र न्यायाधीश रणधीर सिंह ने वर्ष 2016 के गैर-इरादतन हत्या और मारपीट के मामले में फैसला सुनाते हुए मुख्य आरोपी राजाराम सहित बीरबल और सरोज देवी को 7-7 वर्ष के साधारण कारावास और 11-11 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।अर्थदंड न देने पर 06-06 माह का अतिरिक्त कारावास भुगतने का आदेश दिए।
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