दिल्ली आंदोलन में अहम भूमिका हेतु शिवमंगल सिंह लगातार सरकार व आंदोलनकारयों के बीच सक्रिय निर्णायक समाधान के संकेत देश एवं समाज हित में हमेशा देश के हर व्यक्ति हर संगठन एवं हर प्रक्रिया में मजबूती से खड़े रहने वाले गैर राजनीतिक “ऑपरेशन विजय” (बुराइयों के खिलाफ जंग) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं क्रांतिकारी एडवोकेट शिवमंगल सिंह (आई.पी.) छात्रों के हित में शुरू किए गए दिल्ली के जंतर मंतर के आंदोलन को समर्थन करने एवं बिना किसी देरी छात्रों की समाज हितार्थ मांगों को मनवाने हेतु भारत सरकार के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी को अपना समझौते संबंधी प्रस्ताव भेज कर एक प्रस्ताव के साथ 19 जुलाई 2026 को अपने सैकड़ो साथियों के साथ दिल्ली के जंतर मंतर पर आंदोलनकारियों एवं आंदोलनकारियों के प्रमुख अभिजीत दीपिके से मिलने पहुंचे जहां उन्होंने अपना सुझाव संबंधी पत्र सीजेपी प्रमुख अभिजीत दीपिके को सौपा। साथ ही भारत सरकार के प्रधानमंत्री जी को अपने भेजे गए पत्र पर देश व समाज हित में आंदोलन की बिगड़ती स्थिति को समझाते हुए छात्रों की उचित मांगे मान आंदोलन को समाप्त करने का अनुरोध किया था।
उपरोक्त जानकारी देते हुए ऑपरेशन विजय सुप्रीमों ने अपने देशवासियों के नाम संबोधन में कहा कि यदि भारत सरकार ने हमारे 19 जुलाई 2026 के भेजें आंदोलन समाप्त करने संबंधी प्रस्ताव को मान लिया होता तो आज जो देश के अंदर आंदोलन के तहत स्थिति बिगड़ रही है, वह स्थित नहीं होती।
साथ ही उन्होंने कहा कि देश की बिगड़ती स्थिति को देखते हुए हमने दोबारा अपना मजबूत एवं निर्णायक उठाए कदम की जानकारी भारत के गृहमंत्री जी को देते हुए दिल्ली के जंतर मंतर पर शांति एवं समाधान शिविर लगाने हेतु दिल्ली पुलिस आयुक्त एवं गृह मंत्रालय को पत्र भेजा है, जिसके द्वारा हम अपना शांति एवं समाधान शिविर लगाकर जहां आंदोलनकारी को समझने का प्रयास करेंगे, वहीं आंदोलनकारियों की उचित मांगे सरकार से मनवाकर आंदोलन को समाप्त कराने का प्रयास करेंगे।
साथ ही उन्होंने यह भी जानकारी दी कि यदि हमें शांति एवं समाधान शिविर लगाने की दिल्ली पुलिस एवं गृह मंत्रालय द्वारा अनुमति मिलती है, तो हम शांति एवं समाधान शिविर दिल्ली जंतर मंतर पर लगाने हेतु 25 जुलाई 2025 को पहुंचकर दोपहर 1:00 अपने शांति एवं समाधान शिविर के द्वारा देश व समाज हित में उठाए जाने वाले कदमों की जानकारी देशवासियों को देने हेतु एक महत्वपूर्ण देश स्तरीय प्रेस वार्ता करेंगे। जिसकी जानकारी भारत के प्रमुख न्यूज़ चैनल एवं समाचार पत्रों को दी जा चुकी है।
अंत में उन्होंने कहा कि यह देश जितना भारत के प्रधानमंत्री जी का है, उतना ही देश के प्रत्येक आम नागरिक का है और वर्तमान समय में देश के हालात अच्छे नहीं है, खाड़ी देशों में युद्ध चलने से देश की ऊर्जा पर विपरीत प्रभाव पड़ रहा है, और ऐसी स्थिति में देश के अंदर दिल्ली में वर्तमान समय की स्थिति का चल रहा आंदोलन देश एवं देशवासियों के हित में नहीं है, क्योंकि भारत के पड़ोसी देश भारत से संतुष्ट नहीं है, और वह भारत के खिलाफ भारत में उठ रही आवाज का फायदा उठाकर देश को नुकसान पहुंचा सकते हैं, इसलिए समस्त देशवासी अपनी जिम्मेदारी समझकर अफवाहें एवं स्वार्थी व असामाजिक तत्वों की बातों में ना आए अपने विवेक से फैसला लें और जिम्मेदारों की बातों पर अमल कर देश में अशांति फैलाने की कोशिश ना करें। इस रास्ते से भटके आंदोलन की समाप्ति के बाद एक नया लक्ष्य 2029 वाला तानाशाह ढांचे को हटाने के लिए संवैधानिक आंदोलन “तानाशाह ढांचा हटाओ, संविधान बचाओ, नया लोकतंत्र एवं संविधान समीक्षा बिल लाओ” शुरू होगा, जिसकी घोषणा अगले कुछ ही दिनों में की जाएगी।
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