लखनऊ डॉ. भीमराव अंबेडकर एवं रमाबाई चेतना संस्थान, उत्तर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष अनुराग आजाद ने प्रदेश की मौजूदा राजनीतिक और सामाजिक परिस्थितियों पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और विकास जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रदेश की वास्तविक प्रगति का आकलन केवल बड़े-बड़े दावों और घोषणाओं से नहीं, बल्कि आम नागरिक के जीवन में आए सकारात्मक बदलावों से किया जाना चाहिए।अनुराग आजाद ने कहा कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और विकास को लेकर जनता के सामने अनेक सवाल खड़े हुए हैं। युवाओं के सामने रोजगार और भविष्य की चिंता है। शिक्षा व्यवस्था को लेकर अभिभावक और विद्यार्थी बेहतर सुविधाओं की अपेक्षा रखते हैं। वहीं स्वास्थ्य सेवाओं में आम आदमी को सुलभ, सस्ता और गुणवत्तापूर्ण उपचार मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश के विकास की चर्चा तभी सार्थक होगी, जब गांव से लेकर शहर तक आम नागरिक को उसका लाभ दिखाई दे।उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की सबसे बड़ी ताकत यहां का युवा, किसान, मजदूर, गरीब, पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक और मेहनतकश वर्ग है। इन वर्गों की भागीदारी और तरक्की के बिना प्रदेश को विकसित बनाने का सपना अधूरा रहेगा। आज जरूरत ऐसी व्यवस्था की है, जिसमें नौजवानों को रोजगार के लिए भटकना न पड़े, गरीब परिवारों के बच्चों को अच्छी शिक्षा मिले और किसी भी जरूरतमंद व्यक्ति को आर्थिक परेशानी के कारण इलाज से वंचित न रहना पड़े।अनुराग आजाद ने कहा कि समाजवादी सरकार आने पर प्रदेश में विकास, रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य को नई प्राथमिकता देने की आवश्यकता होगी। उनका कहना था कि प्रदेश के गांवों और शहरों में विकास की ऐसी योजनाएं आगे बढ़नी चाहिए, जिनसे आम जनता को सीधा लाभ मिले। किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य, युवाओं को रोजगार के अवसर, महिलाओं को सम्मान और सुरक्षा तथा विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।उन्होंने कहा कि समाजवादी विचारधारा का मूल उद्देश्य सामाजिक न्याय, समानता, भाईचारा और सर्वांगीण विकास है। डॉ. भीमराव अंबेडकर के संविधान में निहित समान अवसर और सामाजिक न्याय के सिद्धांतों को मजबूत करना समय की आवश्यकता है। शिक्षा और रोजगार को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाना ही वास्तविक सामाजिक परिवर्तन का आधार बन सकता है।अनुराग आजाद ने आगे कहा कि उत्तर प्रदेश को ऐसी विकास नीति की जरूरत है, जिसमें केवल कुछ क्षेत्रों तक विकास सीमित न रहे, बल्कि हर गांव, हर कस्बे और हर शहर तक विकास की रोशनी पहुंचे। सड़कों, बिजली, पानी, अस्पतालों, विद्यालयों, कॉलेजों और रोजगार के संसाधनों को मजबूत करना प्राथमिकता होनी चाहिए। प्रदेश का युवा आत्मनिर्भर बने और गरीब परिवारों के बच्चों को भी आगे बढ़ने के समान अवसर मिलें।उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता विकास, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, महंगाई और सामाजिक न्याय जैसे मुद्दों पर जवाबदेही चाहती है। लोकतंत्र में जनता सर्वोपरि है और सरकारों का मूल्यांकन उनके काम, नीतियों तथा जनता को मिलने वाली सुविधाओं के आधार पर होना चाहिए।अंत में अनुराग आजाद ने कहा कि उनका सपना ऐसा उत्तर प्रदेश है, जहां हर युवा के हाथ में रोजगार हो, हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले, हर जरूरतमंद को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिले और प्रदेश का प्रत्येक क्षेत्र विकास की हरियाली से महक उठे। समाजवादी विचारधारा के माध्यम से प्रदेश में खुशहाली, सामाजिक समानता और विकास की नई दिशा स्थापित करने की जरूरत है।उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक न्याय और जनकल्याण को केंद्र में रखकर ही उत्तर प्रदेश के उज्ज्वल भविष्य का निर्माण किया जा सकता है
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