डा बेचन प्रसाद यादव
लखनऊ शारदीय नवरात्र को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह का माहौल है। ज्योतिषाचार्य सुजीत महाराज के अनुसार, इस बार शारदीय नवरात्र का आरंभ 11 अक्टूबर, रविवार से होगा। मां दुर्गा की आराधना और पूजा-अर्चना का यह पावन पर्व 10 दिनों तक चलेगा। नवरात्र के दौरान भक्त मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा-अर्चना कर सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना करेंगे।
ज्योतिषाचार्य सुजीत महाराज ने बताया कि इस बार जगत जननी मां दुर्गा हाथी पर सवार होकर आगमन करेंगी। उन्होंने मां भगवती के आगमन को शुभ बताया। नवरात्र के पहले दिन श्रद्धालु विधि-विधान से कलश स्थापना कर मां दुर्गा की आराधना शुरू करेंगे।
कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त
ज्योतिषाचार्य सुजीत महाराज के अनुसार, 11 अक्टूबर, रविवार को कलश स्थापना के लिए प्रातः 6:20 बजे से पूर्वाह्न 10:11 बजे तक का समय शुभ रहेगा। वहीं, अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:44 बजे से दोपहर 12:31 बजे तक रहेगा। श्रद्धालु अपनी सुविधानुसार शुभ मुहूर्त में कलश स्थापना कर सकते हैं।
उन्होंने बताया कि आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि 11 अक्टूबर को पूरे दिन रहने के कारण श्रद्धालु विधि-विधान से घट स्थापना कर नवरात्र पूजा का शुभारंभ कर सकते हैं।
कब होगी महाष्टमी और महानिशा पूजा?
सुजीत महाराज के अनुसार, नवरात्र के दौरान 17 अक्टूबर को मां कालरात्रि की पूजा होगी। वहीं, 18 अक्टूबर, रविवार को महाष्टमी व्रत रखा जाएगा। इसी दिन रात्रि 11 बजे से देर रात 1:30 बजे तक महानिशा की विशेष तांत्रिक पूजा का समय बताया गया है।
19 अक्टूबर को नवमी पूजा और हवन
19 अक्टूबर को नवमी तिथि पर मां सिद्धिदात्री की पूजा, व्रत, हवन और अन्य धार्मिक अनुष्ठान किए जाएंगे। ज्योतिषाचार्य के अनुसार, नवमी तिथि 19 अक्टूबर को सुबह 6:59 बजे से शुरू होकर अगले दिन 20 अक्टूबर को सुबह 9:41 बजे तक रहेगी।
20 अक्टूबर को विजयादशमी, इसी दिन होगा व्रत पारण
नवरात्र का समापन 20 अक्टूबर को विजयादशमी के साथ होगा। ज्योतिषाचार्य सुजीत महाराज के अनुसार, नवरात्र व्रत रखने वाले श्रद्धालु 20 अक्टूबर को पारण करेंगे। वहीं, दो दिन व्रत रखने वाले श्रद्धालुओं के लिए 11 और 18 अक्टूबर को व्रत रखने का उल्लेख किया गया है।ज्योतिषाचार्य सुजीत महाराज ने श्रद्धालुओं से शुभ मुहूर्त में कलश स्थापना कर मां दुर्गा की विधि-विधान से पूजा-अर्चना करने की अपील की।
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