लखनऊ समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के 2012 से 2017 के कार्यकाल में शुरू की गई विभिन्न विकास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं को लेकर डॉ. भीमराव अंबेडकर एवं रमाबाई चेतना संस्थान उत्तर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष अनुराग आज़ाद ने कहा कि उस कार्यकाल में प्रदेश में सड़क, बिजली, मेट्रो, शिक्षा, महिला सुरक्षा, किसान कल्याण और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्यक्रम आगे बढ़े।
अनुराग आज़ाद ने कहा कि आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे, लखनऊ मेट्रो, 1090 महिला हेल्पलाइन, समाजवादी पेंशन योजना, मुफ्त लैपटॉप वितरण, कन्या विद्या धन, लोहिया आवास, लोहिया ग्राम विकास, जनेश्वर मिश्र ग्राम योजना और जनेश्वर मिश्र पार्क जैसी योजनाएं उस दौर की प्रमुख पहलों में शामिल रहीं।
उन्होंने कहा कि आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे विशेष रूप से महत्वपूर्ण बुनियादी ढाँचा परियोजना थी। सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार यह लगभग 302 किलोमीटर लंबा छह-लेन एक्सेस-कंट्रोल्ड एक्सप्रेसवे है, जिसे 21 नवंबर 2016 को उद्घाटित किया गया था। परियोजना का उद्देश्य लखनऊ और आगरा के बीच यात्रा समय घटाने के साथ कृषि, व्यापार, पर्यटन और औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देना था।अनुराग आज़ाद ने कहा कि उस समय युवाओं को लैपटॉप वितरण, महिलाओं की सुरक्षा के लिए 1090 सेवा, किसानों के लिए सिंचाई एवं सहायता संबंधी योजनाएं तथा गरीब परिवारों के लिए सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रम चलाए गए। उन्होंने यह भी कहा कि बिजली क्षेत्र में नई परियोजनाओं और आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में भी कदम उठाए गए। उस समय की रिपोर्टों में 1912 बिजली हेल्पलाइन और कई विद्युत परियोजनाओं का उल्लेख मिलता है।
उन्होंने कहा कि विकास कार्यों का मूल्यांकन जनता अपने अनुभव, उपलब्ध सरकारी आंकड़ों और योजनाओं के वास्तविक प्रभाव के आधार पर करे। अनुराग आज़ाद ने कहा कि 2012–2017 के कार्यकाल में शुरू हुई योजनाओं और परियोजनाओं पर आज भी सार्वजनिक चर्चा होती है और उनके प्रभाव का तथ्यात्मक अध्ययन किया जाना चाहिए।
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